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Category Archives: स्वास्थ्य

औषधीय गुणों से भरपूर है तुलसी

नई दिल्लीः भारत में लगभग हर दूसरे-तीसरे घर में तुलसी का पौधा देखने को मिलता है. खासकर हिंदू संस्कृति को मानने वाले परिवारों में तो तुलसी के पौधे का खास महत्व होता है. क्योंकि हिंदु संस्कृति में यह पौधा पूज्यनीय होता है औ यही कारण है कि हर घर में इसकी पूजा भी होती है, लेकिन पौराणिक महत्व के साथ ही इसका औषधीय महत्व भी होता है. तुलसी के पौधे को स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद माना गया है. वैसे तो तुलसी के कई गुणों के बारे में हम सभी जानते हैं, लेकिन कई ऐसे भी गुण हैं जिनके बारे में जानना चाहिए. तो चलिए बताते हैं आपको तुलसी के कुछ अनजाने फायदों के बारे में.

तनाव कम करे
तुलसी पूरे दिन की थकान को झट से दूर कर देती है. अगर आप तनाव से परेशान हैं तो रोजाना रात को दूध में कुछ पत्ते तुलसी के डालकर उबाल लें और फिर इस दूध को पीएं. यह नर्वस सिस्टम को आराम पहुंचाता है और तनाव कम करता है.

इम्यूनिटी बूस्ट करे
तुलसी में भरपूर मात्रा में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लिमेंट्री गुण होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं. रोजाना इसके सेवन से फ्लू का खतरा भी दूर होता है.

महिलाओं में पीरियड्स संबंधी समस्याएं
महिलाओं में पीरियड्स के दौरान कई तरह की समस्याएं होती हैं. इसकी वजह से वे बहुत परेशान रहती हैं. ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. पीरियड्स में अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का नियमित सेवन करना चाहिए.

सर्दी-जुकाम दूर करे
तुलसी का काढ़ा सर्दी और जुकाम में बहुत कारगर होता है. काढ़ा बनाने के लिए तुलसी पत्ते को पानी में डालकर उसमें काली मिर्च और मिश्री मिलाकर अच्छे से मिला लें और उसका सेवन करें. यह सर्दी में बहुत कारगर होता है.

औषधीय गुणों से भरपूर है तुलसी

हिंदू संस्कृति को मानने वाले परिवारों में तुलसी के पौधे का खास महत्व होता है. क्योंकि हिंदु संस्कृति में यह पौधा पूज्यनीय होता है औ यही कारण है कि हर घर में इसकी पूजा भी होती है, लेकिन पौराणिक महत्व के साथ ही इसका औषधीय महत्व भी होता है. तुलसी के पौधे को स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद माना गया है. वैसे तो तुलसी के कई गुणों के बारे में हम सभी जानते हैं, लेकिन कई ऐसे भी गुण हैं जिनके बारे में जानना चाहिए. तो चलिए बताते हैं आपको तुलसी के कुछ अनजाने फायदों के बारे में.

तनाव कम करे
तुलसी पूरे दिन की थकान को झट से दूर कर देती है. अगर आप तनाव से परेशान हैं तो रोजाना रात को दूध में कुछ पत्ते तुलसी के डालकर उबाल लें और फिर इस दूध को पीएं. यह नर्वस सिस्टम को आराम पहुंचाता है और तनाव कम करता है.

इम्यूनिटी बूस्ट करे
तुलसी में भरपूर मात्रा में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लिमेंट्री गुण होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं. रोजाना इसके सेवन से फ्लू का खतरा भी दूर होता है.

महिलाओं में पीरियड्स संबंधी समस्याएं
महिलाओं में पीरियड्स के दौरान कई तरह की समस्याएं होती हैं. इसकी वजह से वे बहुत परेशान रहती हैं. ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. पीरियड्स में अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का नियमित सेवन करना चाहिए.

सर्दी-जुकाम दूर करे
तुलसी का काढ़ा सर्दी और जुकाम में बहुत कारगर होता है. काढ़ा बनाने के लिए तुलसी पत्ते को पानी में डालकर उसमें काली मिर्च और मिश्री मिलाकर अच्छे से मिला लें और उसका सेवन करें. यह सर्दी में बहुत कारगर होता है.

ई सिगरेट पर लगा बैन

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक ने ई सिगरेट (E-Cigarette) पर बैन लगाने का फैसला किया है. कैबिनेट के फैसले के बाद अब ई-सिगरेट के इंपोर्ट, प्रोडक्शन और बिक्री पर रोक लगा दी गई है. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया है. कैबिनेट के फैसले के बाद अब ई सिगरेट रखना भी अपराध के दायरे में आ गया है.पहले जिस तरह की रिपोर्ट ई-सिगरेट को अनुमति देने के लिए आ रही थी. बाद में वैसी ही रिपोर्ट इसे बैन करने की मांग को लेकर आने लगी. ई-सिगरेट को पहले जितना सेफ माना जा रहा था बाद में उसे भी उतना ही खतरनाक माना जाने लगा. एक शोध से पता चला कि ई सिगरेट में इस्तेमाल होने वाला फ्लेवरिंग लिक्विड दिल को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे सिर्फ कैंसर ही नहीं बल्कि हार्ट अटैक का खतरा भी रहता है.

रोजाना सुबह उठकर खाएं बस 50 ग्राम भुने हुए चने

नई दिल्ली : भुने हुए चने का नाम आने पर आपको हींग वाले चने का स्वाद याद आ गया होगा. अगर आप सिर्फ स्वाद के लिए चने खाते हैं तो इन्हें अपने रूटीन में शामिल कीजिए. जी हां, रोजाना भुने हुए चनों का सेवन आपके शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है. यह पौष्टिक होता है और पेट की कब्ज को दूर करता है. आपको बता दें बाजार में छिलके वाले और बिना छिलके दो तरह के चने मिलते हैं. कोशिश करें कि बिना छिलके वाले चने ही आप खाएं. चने के छिलके भी सेहत के लिए अच्छे होते हैं.

भुने हुए चनों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, कैल्शियम, आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. भुने हुए चने खाने के फायदों के बारे में पढ़कर शायद आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा हो कि एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन कितने चने खाने चाहिए. इस बारे में वसंत कुंज स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर की सीनियर डायटीशियन डॉ. हिमांशी शर्मा बताती हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 50 से 60 ग्राम चनों का सेवन करना चाहिए. यह उसकी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद रहता है.

रोजाना नाश्ते में या दोपहर के खाने से पहले 50 ग्राम भुने हुए चने यदि आप खाते हैं तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से आप बहुत से बीमारियों से तो बचते ही हैं, साथ ही इससे आपको मौसम बदलने पर अक्सर होने वाली शारीरिक परेशानियां भी नहीं होती.

अगर आप या आपके परिवार में कोई मोटापे से ग्रस्त हैं तो भुने हुए चने खाना उनके लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा. रोजाना भुने हुए चने खाने से मोटापे की समस्या में राहत मिलती है. इसका सेवन शरीर से अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में मदद करता है.

भुने हुए चनों के सेवन से पेशाब से जुड़ी बीमारियों से छुटकारा मिलता है. जिनको भी बार-बार पेशाब आने की समस्या हो उन्हें रोजाना गुड़ के साथ चने का सेवन करना चाहिए. आप देखेंगे कि इससे कुछ ही दिन में आराम मिलने लगेगा.

भुने हुए चने दूध के साथ खाने से स्पर्म का पतलापन दूर हो जाता है और वीर्य गाढ़ा होता है. यदि किसी पुरुष का वीर्य पतला है तो चना खाने से आराम मिलेगा. भुने चने को शहद के साथ खाने से नंपुसकता दूर हो जाती है और पुरुषत्व में वृद्धि होती है. भुने चने खाने से कुष्ठ रोग भी समाप्त हो जाता है.

रोजाना सुबह उठकर खाएं बस 50 ग्राम भुने हुए चने

नई दिल्ली : भुने हुए चने का नाम आने पर आपको हींग वाले चने का स्वाद याद आ गया होगा. अगर आप सिर्फ स्वाद के लिए चने खाते हैं तो इन्हें अपने रूटीन में शामिल कीजिए. जी हां, रोजाना भुने हुए चनों का सेवन आपके शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है. यह पौष्टिक होता है और पेट की कब्ज को दूर करता है. आपको बता दें बाजार में छिलके वाले और बिना छिलके दो तरह के चने मिलते हैं. कोशिश करें कि बिना छिलके वाले चने ही आप खाएं. चने के छिलके भी सेहत के लिए अच्छे होते हैं.

भुने हुए चनों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, कैल्शियम, आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. भुने हुए चने खाने के फायदों के बारे में पढ़कर शायद आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा हो कि एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन कितने चने खाने चाहिए. इस बारे में वसंत कुंज स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर की सीनियर डायटीशियन डॉ. हिमांशी शर्मा बताती हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 50 से 60 ग्राम चनों का सेवन करना चाहिए. यह उसकी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद रहता है.

बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता
रोजाना नाश्ते में या दोपहर के खाने से पहले 50 ग्राम भुने हुए चने यदि आप खाते हैं तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से आप बहुत से बीमारियों से तो बचते ही हैं, साथ ही इससे आपको मौसम बदलने पर अक्सर होने वाली शारीरिक परेशानियां भी नहीं होती.

अगर आप या आपके परिवार में कोई मोटापे से ग्रस्त हैं तो भुने हुए चने खाना उनके लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा. रोजाना भुने हुए चने खाने से मोटापे की समस्या में राहत मिलती है. इसका सेवन शरीर से अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में मदद करता है.

पेशाब संबंधी रोग से छुटकारा
भुने हुए चनों के सेवन से पेशाब से जुड़ी बीमारियों से छुटकारा मिलता है. जिनको भी बार-बार पेशाब आने की समस्या हो उन्हें रोजाना गुड़ के साथ चने का सेवन करना चाहिए. आप देखेंगे कि इससे कुछ ही दिन में आराम मिलने लगेगा.

नंपुसकता दूर करें
भुने हुए चने दूध के साथ खाने से स्पर्म का पतलापन दूर हो जाता है और वीर्य गाढ़ा होता है. यदि किसी पुरुष का वीर्य पतला है तो चना खाने से आराम मिलेगा. भुने चने को शहद के साथ खाने से नंपुसकता दूर हो जाती है और पुरुषत्व में वृद्धि होती है. भुने चने खाने से कुष्ठ रोग भी समाप्त हो जाता है.

कब्ज में राहत
जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है, उन्हें रोजाना चने खाने से बहुत आराम मिलता है. कब्ज शरीर में कई बीमारियों का कारण होती है. कब्ज होने पर आप दिनभर आलस महसूस करते हैं और परेशान रहते हैं.

पाचन शक्ति बढ़े
चना पाचन शक्ति को संतुलित और दिमागी शक्ति को भी बढ़ाता है. चने से खून साफ होता है जिससे त्वचा में निखार आता है. चने में फॉस्फोरस होता है जो हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाता है और किडनी से एक्स्ट्रा साल्ट निकालता हैं.

त्वचा और बालों को प्रदूषण से रखें सुरक्षित

नई दिल्ली: अपनी त्वचा और बालों को प्रदूषण से सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है. गर्मी हो या सर्दी, बसंत या मानसून, अपनी त्वचा और बालों को प्रदूषण से बचाने के लिए विशेष देखभाल करनी चाहिए.अपनी त्वचा और बालों की क्लीजिंग, टोनिंग और माइश्चराइजिंग करें. बालों को पर्याप्त पोषण दें ताकि वे रूखे और बेजान ना हो जाएं.बाहर जाते समय अपने बालों को प्रदूषण से बचाने के लिए विशेष स्प्रे का इस्तेमाल करें. त्वचा पर भी सनस्क्रीन, एलोवेरा जैल लगाएं. इससे आपकी त्वचा 6-7 घंटों के लिए प्रदूषण से सुरक्षित हो जाती है.नियमित रूप से स्क्रब का इस्तेमाल करें, त्वचा को कोमल और मुलायम बनाए रखने के लिए ग्लो पैक लगाएं. घर में बने पैक प्रदूषण से आपकी त्वचा को सुरक्षित रखने में बेहद कारगर हो सकते हैं.

एक सप्ताह में महिलाओं और पुरुषों को कितने पैग पीने चाहिए शराब

नई दिल्ली: अगर आपको लगता है कि कम मात्रा में शराब पीने से आपको ज्यादा नुकसान नहीं होगा, तो आपको फिर से सोचने की जरूरत है. शोधकर्ताओं ने पाया है कि शराब छोड़ने से पूरी तरह से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है. खासकर महिलाओं के लिए यह अधिक कारगर है. शराब का औसत सेवन पुरुषों के लिए सप्ताह में 14 पैग जबकि महिलाओं के लिए सप्ताह में 7 पैग निर्धारित किया गया है. अध्ययन में पाया गया है कि जिन पुरुष और महिलाओं ने जीवनभर शराब से दूरी बनाए रखी, उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहा.

सीएमएजे पत्रिका में प्रकाशित खबर के अनुसार, जो महिलाएं औसत शराब पीती थी या शराब पीना छोड़ देती थी, उनमें मानसिक तौर पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिले. फिलहाल यह अध्ययन चीन व अमेरिका के नागरिकों पर हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह शोध भारतीय नागरिकों पर भी किया जा सकता है.

 

हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद है करी पत्ता

नई दिल्ली: ज्यादातर लोगों का लगता है कि बिना करी पत्ते के दक्षिण भारतीय व्यंजन जैसे ही डोसा, सांभर, वाडा जैसी चीजें अधूरी होती हैं. क्योंकि इसका हल्का का कड़वा स्वाद आपके खाने में वो स्वाद लेकर आता है, जो वाकई लगता है कि आप देसी खाना खा रहे हैं. करी पत्ते का यह छोटा सा पत्ता दिखने में जितना छोटा है, स्वाद और सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद है.

प्रचूर मात्रा में पाया जाता है आयरन
करी पत्ता आयरन और फॉलिक एसिड का स्रोत होता है. आयरन की कमी सिर्फ शरीर में आयरन न होने पर ही नहीं होता है बल्कि शरीर के आयरन को सोख न पाने के कारण भी होता है. इसके अलावा फॉलिक एसिड आयरन को सोखने में भी मदद करता है. करी पत्ता इन दोनों कामों को करके एनीमिया की कमी को दूर करता है.

लीवर को रखता है सुरक्षित
अगर आप बहुत शराब पीते हैं और इसके कारण लीवर को नुकसान पहुंच रहा है तो आप अपने खाने में करी पत्ता को शामिल करना न भूलें. एशियन जर्नल ऑफ फार्मासुटिकल एण्ड क्लीनिकल रिसर्च के अनुसार शरीर में केम्पफेरॉल के कारण जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और टॉक्सिन्स बनता है वह लीवर को क्षति पहुंचाता है, उससे यह बचाता है.

ब्लड शुगर को रखता है कंट्रोल
जर्नल ऑफ प्लांट फूड फॉर न्यूट्रिशन के अध्ययन के अनुसार करी पत्ता में जो फाइबर होता है वह ब्लड में से इन्सुलिन को प्रभावित करके ब्लड-शुगर लेवल को कम करता है. करी पत्ता हजम शक्ति को बढ़ाकर वेट लॉस में सहायता करता है. इसलिए डाइबीटिज और वज़न बढ़ने वाले लोगों के लिए करी पत्ता खाना ज़रूरी होता है.

कोलेस्ट्रोल के लेवल को करता है कम
शायद आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह ब्लड में से कोलेस्ट्रोल को कम करने में अहम् भूमिका अदा करता है. यह ब्लड में गुड कोलेस्ट्रोल के मात्रा को बढ़ाकर हृदय संबंधी रोग और एनथेरोक्लेरोसीस से रक्षा करता है.

गर्मी में धूप से हुआ सनबर्न, तो आजमाएं ये उपाय

इस गर्मी आपको अपनी स्किन को सिर्फ टैनिंग से ही नहीं बचाना है बल्कि सनबर्न, पिगमेंटेशन और झुर्रियां भी सूरज से आने वाली यूवी किरणों से होने वाली समस्या बन सकती हैं। सूर्य की किरणों से होने वाले खतरों को हम भलीभांति जानते हो इसके बावजूद जब बात अपनी त्वचा की रक्षा करने की आती है तो हम में से कई ऐसे मौकों पर आलसी हो जाते हैं। इसके अलावा ऐसे भी कई मिथक हैं कि सूर्य से मिलने वाला रंग हमें स्वस्थ दिखाता है। हम आपको बता दें की कि अपनी त्वचा की रक्षा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है इसके साथ ही अगर कोई चीज एक तव्चा को सूट कर रही है तो जरूरी नहीं है कि दूसरे के लिए भी वह समान काम करेगी।त्वचा को उसकी बनावट और हाइड्रेशन के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। आमतौर पर चार तरह की तव्चा देखी जाती है ड्राई, ऑयली, कॉम्बिनेशनऔर संवेदनशील त्वचा। अक्सर हम धूप में घर से बाहर निकलते हैं और सनबर्न का शिकार हो जाते हैं ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी स्किन को पहचानें और उसके हिसाब से अपनी स्किन को सनबर्न से निजात दिलाए। आज हम आपको सनबर्न और उससे निपटने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाकर आप आसानी से सनबर्न जैसी समस्या को दूर कर सकते हैं।

सूखी त्वचा के लक्षण — चेहरे या शरीर के अन्य  हिस्सों पर अत्यधिक सूखापन और दरार महसूस करना।होंठ और मुंह के कोनों में दरारें पड़ जाना।त्वचा में खुजली और जकड़न महसूस होना।

अगर आपकी ड्राई स्किन है तो सनबर्न का इलाज कैसे करेंः  जहां-जहां आपकी स्किन डैमेज हो गई है वहां अच्छी मात्रा में मॉइस्चराइजर लगाएं। चूंकि सूखी त्वचा में झुर्रियां आसानी से आ जाती हैं इसलिए आपको अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहना चाहिए।

ऑयली स्किन के लक्षण — ऑयल वसा संबंधी ग्रंथि अतिसक्रिय होती हैं। चेहरे पर अतिरिक्त तेल आना। इस प्रकार की त्वचा पर जल्द धूल-मिट्टी लगती है और इसमें चेहरे पर मुंहासे व दाने निकलने की प्रवृत्ति होती है।

अगर आपकी ऑयली स्किन है तो सनबर्न का इलाज कैसे करेंः  दिन में दो बार, 3 से 4 मिनट के लिए जहां सनबर्न हुआ वहां एक आइसक्यूब धीरे-धीरे रब करें। आप त्वचा की कंडीशनिंग के लिए एलोवेरा जेल भी लगा सकते हैं। आप इसे रात भर लगाइए और छोड़ दीजिए, सुबह तक उस जगह पर आपको फर्क दिखाई देगा।

सेंसेटिव स्किन के लक्षण — जिन लोगों की स्किन इस प्रकार की होती है वह नए उत्पादों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं और उन्हें एलर्जी व रैशेज होने का खतरा रहता है।

अगर आपकी ऑयली स्किन है तो सनबर्न का इलाज कैसे करेंः  सेंसेटिव स्किन वाले लोगों को त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास जाकर अपनी स्किन को दिखाना चाहिए और जानना चाहिए की उन्हें कौन सा उत्पाद और तरीका सूट करेगा।

कॉम्बिनेशन स्किन के लक्षण (50 फीसदी से ज्यादा लोग इस श्रेणी में आते हैं)—–माथे की रेखा और नाक के बीच के क्षेत्र को टी ज़ोन बोलते हैं, जो कि ऑयली होगी।गाल वाला हिस्सा ऑयली या ड्राइ होगा।होठों के कोने ड्राई हो जाते हैं।

अगर आपकी कॉम्बिनेशन स्किन है तो सनबर्न का इलाज कैसे करेंः घन में बने स्क्रब या मॉस्चराइजर का उपयोग कर सनबर्न वाले हिस्से में अच्छी तरह से मसाज करें। उस जगह मसाज करने से त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के बजाय उन्हें साफ करने में मदद मिलेगी।

त्वचा की देखभाल के सामान्य उपाय – पराबैंगनी किरणों से बचने के लिए धूप में निकलने से आधा घंटा पहले हमेशा चेहरे पर सनस्क्रीन लोशन लगाएं।संभव हो तो अपने पास छाता रखें या टोपी पहनें।सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में बाहर जाने से बचने की कोशिश करें क्योंकि इस वक्त किरणें बहुत तेज होती हैं।अपनी त्वचा को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड और साफ रखने के लिए खूब पानी पीएं और फल खाएं।

ठंडा पानी पीने से होते हैं बड़े नुकसान

गर्मियों में हम घर में हों या बाहर प्यास बहुत लगती है. और प्यास को बुझाने के लिए हम पानी पीते हैं, ले‍किन हम अक्सर पानी पीने के बाद यह शिकायत करते हैं कि ‘नॉर्मल पानी से प्यास नहीं मिटती, जरा ठंडा पानी पीना होगा…’ और इसी बहाने के साथ हम गर्मियों में दबा कर ठंडा पानी पीते हैं. ठंडे पानी से मन और शरीर को मिलने वाली ठंडक हमें इस बात का अहसास ही नहीं होने देती कि यह हमारी सेहत के लिए कितना खतरनाक है. ठंडा पानी पीकर भले ही आपके मन को सुकून मिलता हो, लेकिन ये आपके दिल के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं. जी हां, ठंडा पानी दिल की गति को कम कर देता है. ठंडा पानी वेगस तंत्रिका को प्रभावित करता है, जिससे की दिल की गति कम हो जाती है.

आप ठंडा पानी पीते हैं और आपको पेट की समस्याएं रहती हैं, तो इसकी वजह है आपकी ठंडा पानी पीने की आदत. ठंडा पानी पाचन प्रक्रिया में बाधा ड़ालता है. ठंडा पानी पीने से नसें सिकुड़ जाती हैं और पाचन क्रिया धीमी हो जाती है. इसी के चलते पेट की समस्याएं पैदा होती हैं. तो अगर आपकेा आपको भी पेट से जुड़ी परेशानियां होती हैं, तो आज से ही ठंडा पानी पीना बंद करें.

यह तो हम सभी जानते और सुन चुके हैं कि ज्यादा ठंडा पानी पीने से गला ख़राब हो जाता है. अगर आप यह सोचते हैं कि यह महज बड़ों के बहाने हैं, तो आप गलत हैं. ठंडा पानी पीने से श्वसन तंत्र में म्युकोसा नाम की सुरक्षात्मक परत संकुलित हो जाती है, जिससे गला ख़राब हो सकता है.

ठंडा पानी पीने वाले लोगों को अक्सर कब्ज की शिकायत रहती है. जैसा कि हम जानते हैं कि ज्यादा ठंड से चीजें जम जाती हैं, ठीक वैसे ही हमारे शरीर में अधिक ठंडा पानी चीजों को सख्ता बना देता है. इससे कब्ज और बवासीर जैसी परेशानियां जन्म ले सकती हैं.

ठंडा पानी आपके खाने के पोषक तत्वों को खत्म कर देता है. अगर आप पोषक आहार लेने के बाद ठंडा पानी पी लेते हैं, तो समझ जाईए कि आपने कुछ पोषक आहार नहीं खाया. आदमी के शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है और जब हम कोई ठंडी चीज़ पीते हैं, तो उसे शरीर के तापमान के बराबर लाने में शरीर को ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है. अगर आप ठंडा पानी नहीं पीते तो यही ऊर्जा भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में काम आती है.