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Category Archives: राजनीति

पीएम मोदी ने बुलाई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है। जिसके बाद वह ब्राजील के लिए रवाना हो जाएंगे। वहीं दूरदर्शन (डीडी) न्यूज के सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश कर दी गई है। हालांकि राजभवन के प्रवक्ता ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। पहले ऐसी अटकलें थीं कि यदि नियत समय के भीतर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को समर्थन पत्र नहीं सौंपती है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।

अब खबर आ रही है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सिफारिश नहीं हुई है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक की बात करें तो बैठक में किस विषय पर चर्चा होगी इसका एजेंडा फिलहाल स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा कि बैठक में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाले समझौतों को लेकर चर्चा की जा सकती है।

राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के मामले में शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘माननीय राज्यपाल एनसीपी को दिया गया समय पूरा होने से पहले राज्य में  राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कैसे कर सकते हैं?’ वहीं सूत्रों का कहना कहना है कि यदि राज्यपाल महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाते हैं तो शिवसेना उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। इस मामले पर उद्धव ठाकरे ने कपिल सिब्बल और अहमद पटेल से बात की है।

सोनिया ने पवार से बात की, खड़गे समेत वरिष्ठ नेता जाएंगे मुंबई

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ बातचीत की और महाराष्ट्र में सरकार गठन के मुद्दे पर आगे की चर्चा के लिए पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को अधिकृत किया। कांग्रेस नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और के सी वेणुगोपाल राकांपा प्रमुख शरद पवार के साथ विचारविमर्श करने के लिए शाम तक मुंबई के लिए रवाना होंगे।

इससे पहले, सोनिया ने आज सुबह फोन पर पवार के साथ बात की और अपने पार्टी नेताओं से कहा कि वे मुंबई जा कर एनसीपी प्रमुख से मिलें। वेणुगोपाल ने ट्वीट किया ‘कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज सुबह शरद पवार से बात की और अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे तथा मुझे पवार के साथ आगे की चर्चा करने के लिए अधिकृत किया।’ उन्होंने आगे कहा कि हम तीनों मुंबई जा रहे हैं और पवार से यथाशीघ्र मुलाकात करेंगे।

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आखिर क्यों दिखाई जल्दबाजी, क्या भाजपा ने मिटाई खीज?

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के लिए इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई? कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने पर बड़ा सवाल उठाया है। शिवसेना और एनसीपी ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का मन बनाया है और एनसीपी प्रमुख शरद पवार, सांसद सुप्रिया सूले आगे की रणनीति के लिए बैठक में विचार कर रहे हैं। क्या राज्यपाल की सिफारिश को बिना समय गंवाए मंजूरी देकर केन्द्र  सरकार ने राज्य में भाजपा सरकार न बन पाने की खीझ मिटाई है

राज्यपाल ने कल बुलाया, 24 घंटे भी इंतजार नहीं किया

एनसीपी के अजित पवार को भरोसा था कि पार्टी के पास राज्यपाल को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय है। यह समय मंगलवार को रात आठ बजे के करीब पूरा होता है। इससे पहले मंगलवार सुबह पत्र लिखकर एनसीपी ने सरकार बनाने की संभावना के लिए 48 घंटे का समय देने की मांग की थी। शिवसेना के लोकसभा में चुनकर आए एक सांसद का भी कहना है कि पार्टी ने समय मांगा था। लेकिन राज्यपाल ने न तो शिवसेना को समय दिया और न एनसीपी को। जबकि भाजपा को 48 घंटे का समय दिया था।

सुरजेवाला ने लगाए आरोप

सूत्र का कहना है कि राज्यपाल भी इससे अवगत हैं कि दोनों दल कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। तीनों दलों के पास राज्य सरकार के गठन के लिए पर्याप्त विधायक हैं। टीवी मीडिया पर यह कोशिश दिखाई दे रही है, लेकिन इसके बावजूद राज्यपाल ने जल्दबाजी दिखाई। रणदीप सुरजेवाला का एक सवाल और है। वह यह कि राज्यपाल ने भाजपा, शिवसेना, एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया, लेकिन कांग्रेस को नहीं किया। आखिर क्यों? सुरजेवाला के अनुसार ऐसा करके राज्यपाल ने लोकतांत्रिक मूल्यों की धज्जियां उड़ाई हैं।

भाजपा का चूर हुआ सपना तो हुई राष्ट्रपति शासन पहल

कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र में राज्यपाल कोश्यारी दलगत भावना से काम कर रहे हैं। उन्होंने लोकतंत्र की मर्यादा ताक पर रखकर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की है। शिवसेना के नेता और संजय राऊत के करीबी का कहना है कि महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार गठति न पाने के कारण ऐसा हुआ है। भाजपा एनडीए से शिवसेना के अलग होने के बाद से विचलित थी और राज्यपाल कोश्यारी ने इसे देखते हुए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश में जल्दबाजी दिखाई है।

महाराष्ट्र – संजय राउत ने कहा – भाजपा के अहंकार की वजह से यह हालात बने

महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना का गठबंधन टूटने की अंतिम कगार पर पहुंच चुका है। शिवसेना ने एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने का निर्णय ले लिया है। इसके साथ ही एनसीपी द्वारा शिवसेना के NDA से नाता तोड़ने के बाद ही समर्थन देने की शर्त को मानते हुए शिवसेना ने NDA का साथ छोड़ने का निर्णय ले लिया है। केंद्र सरकार में शिवसेना के भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री अरविंद सावंत ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। राज्यपाल द्वारा न्यौता दिए जाने के बाद भाजपा द्वारा सरकार बनाने से मना कर दिया गया था। इसके बाद सबसे बड़े दल के तौर पर शिवसेना को सरकार बनाकर बहुमत साबित करने का अवसर मिला है। आज शिवसेना के नेता शाम को इस संबंध में राज्यपाल से मुलाकात भी करेंगे। जानें महाराष्ट्र की पल-पल बदलती सियासत के लाइव अपडेट्स  
– कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास पर वर्किंग कमेटी की बैठक शुरू हो चुकी है। इसमें अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। वहीं दूसरी ओर एनसीपी की बैठक भी शरद पवार की अध्यक्षता में जारी है।

– एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सरकार को लेकर कुछ बोलना जल्दबाजी है। शरद पवार सबसे चर्चा करेंगे। हालांकि शरद पवार पहले भी कई बार बोल चुके हैं कि हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश हुआ है।

– एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि एनसीपी के साथ ही कांग्रेस का निर्णय भी अपेक्षित है। दोनों के निर्णय के बाद ही हम आगे बढ़ेंगे। हमें जानकारी मिली है कि कांग्रेस ने CWC की बैठक बुलाई है।

– एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि कि जो भी निर्णय होगा वह कांग्रेस और हम मिलकर तय करेंगे।

– राउत बोले कि भाजपा शिवसेना के रिश्ते अब औपचारिकता रह गई है। उन्होंने कहा कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल से हमारे मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं। महाराष्ट्र में जो वातावरण निर्माण हुआ है वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

– भाजपा अगर अपनी बात पर चलती तो महाराष्ट्र में आज यह स्थिति नहीं बनती। भाजपा के इस अहंकार को जनता का अपमान मानता हूं।

– शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत प्रेस कांफ्रेंस ले रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि बीजेपी ने अहंकार दिखाया है। वह विपक्ष में बैठने को तैयार हैं लेकिन 50-50 फॉर्मूले पर चलने को तैयार नहीं हैं।

– कांग्रेस ने महाराष्ट्र में राजनीतिक स्थिति को देखते हुए आज वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई है। यह बैठक कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास पर होगी।

– देवेंद्र फडणवीस के निवास पर भाजपा कोर कमेटी की आज बैठक होने जा रही है।

– शिवसेना सांसद और केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत ने सरकार में मौजूद अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

– शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने ट्वीट किया कि ‘रास्ते की परवाह करुंगा तो मंजिल बुरा मानेगी’, शिवसेना का पक्ष सच्चाई है।

– आज सुबह 10 बजे एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक होगी। इसमें गठबंधन की शर्तोंको लेकर चर्चा होगी।

– कांग्रेस ने भी शिवसेना को लेकर अभी तक समर्थन देने की घोषणा नहीं की है। सुबह 10 बजे इसे लेकर तस्वीर साफ होगी कि कांग्रेस सरकार में शामिल होगी या बाहर से समर्थन करेगी।

– कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सुबह 10 बजे बैठक होने वाली है। हम हाई कमान के निर्देशों के मुताबिक अगला कदम उठाएंगे। लेकिन हमारा वास्तविक निर्णय और जनादेश विपक्ष में बैठने का है। यह वर्तमान स्थिति है।

महाराष्ट्र में सबसे बड़े दल भाजपा के बाद शिवसेना को सरकार बनाने का निमंत्रण मिला है। शिवसेना को अगर एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन का साथ मिल जाता है तो तीनों दल मिलकर राज्य में आसानी से सरकार बना लेंगे। भाजपा को इस बार जहां 105 सीटें मिली हैं। वहीं शिवसेना को 56 सीटें हासिल हुई हैं। एनसीपी को 54 सीटेंं और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं। ऐसे में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों दलों की सीटें मिलाकर 154 हो जाती हैं। जो बहुमत के आंकड़े 145 से 9 सीटें ज्यादा हैं।

महाराष्ट्र – उद्धव ठाकरे का फडणवीस को जवाब- पहली बार किसी ने ठाकरे परिवार को झूठा कहा

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव  के परिणाम आए आज दो हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन अभी भी राज्य में सरकार गठन को लेकर किसी भी पार्टियों के बीच समझौता होता नहीं दिख रहा है. वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने आज राजभवन में राज्‍यपाल से मिलकर मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया है. महाराष्ट्र में मचे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि कुछ नेताओं ने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने के लिए 25 करोड़ का ऑफर दिया है. हॉर्स ट्रेडिंग के डर से कांग्रेस ने अपने विधायकों को मुंबई से जयपुर भेज दिया है. सभी कांग्रेस विधायकों को जयपुर के ‌एक रिजॉर्ट में ठहराया गया है.

इसी बीच खबर आ रही है कि बीजेपी के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने जा सकते हैं. उधर शिवसेना के नेता संजय राउत ने साफ कहा है कि अगर बीजेपी सीएम पद देने को तैयार हो तो ही उनसे मिलने के लिए आए. खबर है कि शिवसेना बीजेपी के बीच अभी भी किसी तरह की बातचीत नहीं हुई हैं. हालांकि, महाराष्ट्र की बदलती राजनीति पर राज्यपाल लगातार नजर जमाए हुए हैं.

इस बीच कांग्रेस ने हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जाहिर की है. कांग्रेस का कहना है कि उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश हो रही है. खबर है कि कांग्रेस अपने विधायकों को जयपुर के किसी होटल में शिफ्ट कर रही है. इसके पहले हार्स ट्रेडिंग के डर से शिवसेना ने भी अपने विधायकों कोहोटल में शिफ्ट करा दिया है

 

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किसान आक्रोश आंदोलन में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

रीवा |  मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान आज किसान आक्रोश आंदोलन का नेतृत्त्व करने रीवा पहुचे। वही सेमरिया स्थित पटना गाव में मृतक किसान वंशपति साहू के घर जाकर उसके परिवार को सांत्वना दी। तद्पश्चात शिवराज सिंह चौहान रीवा कमिश्नर कार्यालय स्थित चल रहे आंदोलन में शामिल हुए। माइक पर आते ही शिवराज सिंह ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा और हजारो लोगो के साथ जुलूस में शामिल होकर कमिश्नर कार्यालय के पास धरना प्रदर्शन कर बिजली के बिल का होलिका दहन किया।

विंध्य की धरा जनता  को प्रणाम करते हुए पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने कहा की विंध्य की जनता ने सही निर्णय लिया था और आठ में से आठो विधानसभा सीटें भारतीय जानता पार्टी को दी विंध्य की जनता ने पहले ही तय कर लिया था की कांग्रेस और कमलनाथ की सरकार आ गई तो तबाह और बर्बाद कर देंगी |  पूर्व सीएम ने कहा की वो जहा भी जाते है हर जगह लोग रोते हुए मिलते है और कहते की इस सरकार ने तबाह और बर्बाद कर दिया। बिजली बिल को लेकर शिवराज सिंह ने कहा की सम्बल योजना के हितग्राहीयो को 200 रूपए के बिल आते थे लेकिन अब 66 हजार के बिल थमाये जा रहे है |

उन्होंने एक मुठ्ठी फसल हाथ लेकर कहा कांग्रेसियो जा कर खेत में देखो फसल तबाह हो गई है | मुख्यमंत्री कमलनाथ को नहीं दिख रहा आ जाओ मुख्य्मंत्री मैदान में कुछ खेतो में घुसकर तो देखो लेकिन अंदर मत जाना काले हो जाओ गए वैसे तो रंग और दिल दोनों काले है | कलेक्टर कमिश्नर सुन ले अगर सर्वे की घोसना नहीं की तो आज हम यही जम जायेंगे किसान को मरने नहीं देंगे |

एक खेत का सर्वे नहीं हुआ  मै था मेरे आदेश कलेक्टर को होते थे अगर नुक्सान है तो ज्यादा लिखना लेकिन कम मत लिकल्हना नहीं तो नौकरी करने लाइक नहीं रहोगे लेकिन कांग्रेसी कहते है लिख मत देना ज्यादा नहीं तो पैसा देना पडेगा , नुक्सान की कोइ खबर नहीं है इसलिए एक बार सब सुन ले धरना देंगे और जब तक सर्वे की घोषणा नहीं होगी तब तक नहीं उठेंगे | अत्याचार  सहन नहीं करंगे राहत के लिए सर्वे चाहिए अब जनता सड़को पर लड़ाई लड़ेगी अगर रहत नहीं मिली तो |

असंसदीय भासा का उपयोग न करे सांसद : शहर अध्यक्ष

 

रीवा | सांसद जनार्दन मिश्रा द्वारा नगर निगम आयुक्त को खड्डा खोद कर दफनाने व मुख्यमंत्री कमलानथ पर की गई टिप्पड़ी के बाद आज पत्रकारवार्ता में शहर अध्यक्ष गुरुमीत सिंह ने कहा की सांसद जी असंसदीय भासा का उपयोग न करे | और राजेंद्र शुक्ल की चमचागिरी करे |

शहर अध्यक्ष ने कहा सांसद जी के जो शब्द है उनके शब्दों में कभी मर्यादित भाषा का उपयोग रहा ही नहीं | 2014 से वो सांसद है तब भी वह कही भी अमर्यादित भाषा का उपयोग कर देते थे | कमलनाथ पूरे प्रदेश के नेता है और लाडले मुख्यमंत्री है कांग्रेस इस संस्कृति में नहीं जीती | सांसद जी चमचागिरी की संस्कृति में जीते है | वह राजेंद्र शुक्ल (पूर्व मंत्री)की चमचागिरी करे तो ज्यादा अच्छा होगा शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहे लेकिन कांग्रेस के सांसदों ने कभी भी उन्हें अमर्यादित शब्द नहीं बोल | लेकिन सांसद जी कुछ भी बोल सकते है | उन्होंने कहा आठ साल के कार्यकाल में 6 नंबर स्कीम के जो पीड़ित लोग है उनकी मदत क्यों नहीं की | तब देश और प्रदेश में आपकी सरकार थी तब आप सो रहे थे क्या

 

खुद को गान्धी का वंसज बताने वाले लोगो ने देस मे भोग की संस्कृति पैदा की : सांसद

रीवा | नगर निगम आयुक्त के खिलाफ भड़काऊ बयान देकर कल से सुर्खियों में आये रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने आज भाजपा कार्यालय अवटल कुंज में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें अपने द्वारा दिये गए बयान का कोई खेद या पछतावा नहीं है।

आपको बता दें कि बीते दिन सांसद ने एक मामले को लेकर निगमायुक्त को जमीन में दफन कर देने का भड़काऊ बयान दिया था ।पत्रकारों के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अपने बयान पर उन्हें कोई पछतावा नहीं।उन्होंने कहा कि जनता के हित के लिए 17 साल की उम्र में मीसाबंदी बनकर तीन साल जेल में रहे हैं ।उनके शरीर की एक-एक हड्डी टूटी हुई है ।और अगर जिले में कोई भी अधिकारी. कर्मचारी रिश्वत की मांग करेगा मुझे सूचना मिली और शिकायत सही पाए जाने पर उसकी खैर नहीं।साथ ही उन्होंने निगमायुक्त और अपनी संपत्ति की जांच भी CBI से कराने की बात कही।

सांसद जनार्दन मिश्रा गान्धी जयंती के अवसर पर पूरे जिले मे 17 दिन की पदयात्रा करेंगे उन्होने इस दौरान कहा की मै चाहता हू इस देस का हर एक आदमी पद यात्रा करे गान्धी जी के विचारो,सिद्धांतो पर चले लेकीन ये देस का दुर्भागय की जो लोग खुद को गान्धी का वंसज बता रहे है उन लोगो ने देस मे भोग की संस्कृति पैदा करने का काम किया है । उन्होने कहा जवाहरलाल नेहरु अपने हाथो की बुनी टोपी,कुर्ता, धोती, जैकेट पहनते थे लेकीन जब प्रधान मन्त्री की शपथ लेनी थी तो चूणीदार पैजामा,घुटनो तक कोट और जेब मे गुलाब का फूल लगा लिया उस दिन से देस भोग की संस्कृति मे चला गया ।

पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी का पाकिस्तान में विरोध, सांसद रहमान मलिक ने कश्मीर से जोड़ा

पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी का पाकिस्तान ने विरोध किया है. पाकिस्तानी संसद में सीनेटर रहमान मलिक ने कहा कि 370 पर सवाल उठाने के कारण पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया है. यह कश्मीर के हालात से ध्यान हटाने की कोशिश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को खुली छूट दी है.

सीनेटर ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में विपक्षी नेताओं की और गिरफ्तारी होगी ताकि सभी विरोधी आवाज़ों को दबाया जा सके.

रहमान मलिक ने कहा कि जब चिदंबरम इस्लामाबाद में सार्क सम्मेलन में भाग लेने के लिए पाकिस्तान आए थे, तो उन्होंने उन्हें आगाह किया था कि भारत में हिंदू कट्टरपंथियों की नई ब्रिगेड खड़ी होने जा रही है. मलिक ने बताया कि उस समय, मैं सहमत नहीं था, लेकिन बाद में स्वीकार करना पड़ा कि चिदंबरम सही थे.

रहमान मलिक ने कहा पीएम मोदी केवल कश्मीरियों को नहीं मार रहे हैं, बल्कि उन राजनेताओं को भी निशाना बना रहे हैं जो उनकी अतिवादी विचारधारा का विरोध कर रहे हैं. मलिक ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों का आह्वान किया कि वे निर्दोष कश्मीरियों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को नोटिस लें.

नीरो की तरह काम कर रही कमलनाथ सरकार : प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह   

रीवा |  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह संघठन मंत्री सुहास भगत आज एक दिवसीय प्रवास पर रीवा पहुंचे जहा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के चल  सदस्य्ता अभियान की समीक्षा की उन्होंने कमलनाथ सरकार पर प्रहार करते हुए कहा की न किसी के कर्ज माफ़ हुए न बिल हाफ हुआ बल्कि साफ हो गया , गरीब की योजनाए बंद कर दी सिर्फ और सिर्फ तबादला उधोग फल फूल रहा है ये सरकार नीरो की तरह काम कर रही है जब रोम जल रहा था और वो चैन की बंसी बजा रहा था उसी तरह कमल नाथ की सरकार चल रही है |

पूरे देस में सदस्यता अभियान चल रहा है और उसी क्रम में मध्य प्रदेश में भी बहुत तीव्र गति से अभियान चल रहा है | देश सहित मध्य प्रदेश बड़ी संख्या में लोग भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ना चाहते है अभियान को बहुत सफलता मिल रही है अभियान ठीक तरह से चल रहा है की नहीं , जो हमने तय किया उस पोर्टल में सब अंकित हो इसी व्यवस्था को लेकर पूरे मध्य प्रदेश में दौरा शुरू हुआ है सभी संभागीय मुख्यालयों में उसी क्रम में आज रीवा संभाग में और  फिर मध्य प्रदेश के अन्य संभागो में पहुंचेंगे |

कांग्रेस के सम्पर्क में भाजपा विधायक होने के सवाल का जावब देते हुए कहा कंग्रेस अपने भीतर की चिंता करे उन लोगो के कहने से न भारतीय  जनता पार्टी के विधायक दल पर फर्क पड़ने वाला है और न ही विधायकों की संख्या में कोइ कमी होने वाली है  | भारतीय जनता पार्टी का पूरा विधायक दल एक जुट है ,एक जुट था ,एक जुट रहेगा उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा की प्रदेश में किसी के कर्ज माफ़ नहीं हुए न बिल हाफ हुई बिजली साफ़ हो गई , किसान दुर्दशा का शिकार है , गरीब के हित  की सारी योजनाए बंद हो गई पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था चौपट है उसके बावजूद भी सरकार  नीरो की तरह काम कर रही है जब रोम जल रहा था और वो चैन की बंसी बजा रहा था उसी तरह कमल नाथ की सरकार चल रही है | यहाँ सिर्फ एक उधोग चल रहा है तबादला उधोग | बैठक में रीवा , सतना , सीधी के विधायक व सांसद सहित पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे |

प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जाते वक्त 25 किलोमीटर पहले नारायण पुलिस चौकी पर रोक दिया गया. जिसके बाद प्रियंका गांधी धरने पर बैठ गईं. प्रियंका के धरने पर बैठने के बाद ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी ने देश भर में अपने कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने के निर्देश जारी किये हैं. कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने लिखित में ये निर्देश जारी किए हैं.