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Daily Archives: October 7, 2019

नारियल के 10 चमत्कारिक उपाय

* ऋ‍ण उतारने के लिए : एक नारियल पर चमेली का तेल मिले सिन्दूर से स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। कुछ भोग (लड्डू अथवा गुड़-चना) के साथ हनुमानजी के मंदिर में जाकर उनके चरणों में अर्पित करके ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करें। तत्काल लाभ प्राप्त होगा।
*दूसरा उपाय
दशहरे के दिन सुबह नित्य कर्म व स्नान आदि करने के बाद अपनी लंबाई के अनुसार काला धागा लें और इसे एक नारियल पर लपेट लें। इसका पूजन करें और उसको नदी के बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। साथ ही भगवान से ऋण मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
* व्यापार लाभ के लिए : कारोबार में लगातार घाटा हो रहा हो तो दशहरे के दिन एक नारियल सवा मीटर पीले वस्त्र में लपेटकर एक जोड़ा जनेऊ, सवा पाव मिष्ठान्न के साथ आस-पास के किसी भी राम मंदिर में चढ़ा दें। तत्काल ही व्यापार चल निकलेगा।
* यदि रुपया टिक नहीं पा रहा हो या सेविंग नहीं हो पा रही हो तो परिवार आर्थिक संकट में घिर जाता है। ऐसे में दशहरे के दिन माता लक्ष्मी के मंदिर में एक जटावाला नारियल, गुलाब, कमल पुष्प माला, सवा मीटर गुलाबी, सफेद कपड़ा, सवा पाव चमेली, दही, सफेद मिष्ठान्न एक जोड़ा जनेऊ के साथ माता को अर्पित करें। इसके पश्चात मां की कपूर व देसी घी से आरती उतारें तथा श्रीकनकधारा स्तोत्र का जाप करें। आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
* कालसर्प या शनि दोष हेतु : शनि, राहू या केतु जनित कोई समस्या हो, कोई ऊपरी बाधा हो, बनता काम बिगड़ रहा हो, कोई अनजाना भय आपको भयभीत कर रहा हो अथवा ऐसा लग रहा हो कि किसी ने आपके परिवार पर कुछ कर दिया है, तो इसके निवारण के लिए
दशहरे के दिन एक जलदार जटावाला नारियल लेकर उसे काले कपड़े में लपेटें। 100 ग्राम काले तिल, 100 ग्राम उड़द की दाल तथा 1 कील के साथ उसे बहते जल में प्रवाहित करें। ऐसा करना बहुत ही लाभकारी होता है।

* जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष हो या राहु-केतु अशुभ फल दे रहे हों तो सूखा नारियल या काला-सफेद रंग का कंबल दान करना चाहिए। ऐसा समय समय पर करते रहने से उक्त दोष दूर हो जाता है।
* सफलता हेतु : यदि कोई काम काफी प्रयास के बावजूद सफल नहीं हो पा रहा तो आप एक लाल सूती का कपड़ा लें और उसमें रेशेयुक्त नारियल को लपेट लें और फिर बहते हुए जल में प्रवाह कर दें। जिस वक्त आप इसे जल में बहा रहे हों उस वक्त उस नारियल से सात बार अपनी कामना जरूर कहें।
* बीमारी या संकट हटाने हेतु : एक साबूत पानीदार नारियल लें और उसे अपने उपर से 21 बार वारकर किसी रावण दहन की आग में डाल दें। ऐसा घर के सभी सदस्यों के उपर से वारकर करेंगे तो उत्तम होगा।
इसके अलावा हनुमानजी के मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा पढ़ें और उनको चोला अवश्य चढ़ाएं।
* स्थाई नौकरी हेतु : दशहरे के दिन नारियल के छिलकों को जलाकर भस्म तैयार करें और उसमें नारियल का ही पानी मिलाकर उसकी लुगदी बनाएं। फिर उस लुगदी की सात पुड़िया बनाएं। जिसमें से चार पुड़िया घर के चारों कोनों में रखें उनमें से एक पुड़िया घर की छत पर, एक पीपल की जड़ में और एक अपनी जेब में रखें। यह सावधानी रखें कि इस पर किसी की नजर और परछाई न पड़े।
जब सात दिन व्यतीत हो जाएं तो सभी पुड़िया एक जगह पर इकट्ठी कर लें। फिर उनमें से एक पुड़िया उस स्थान पर रखें जहां आप आजीविका कमाना चाहते हैं। वहां उसके द्वार के किसी कोने में छिपा कर रखें। हालांकि यह उपाय किसी जानकार से पूछकर करेंगे तो उचित होगा।
* संकट से मुक्ति हेतु : दशहरे के एक दिन पहले एक नारियल लें और उसको अपने सिर के पास रखकर सो जाएं। सुबह उठकर किसी नदी में नारियल प्रवाहित करें। ध्यान रहे कि नारियल प्रवाहित करते हुए इस मं‍त्र का भी जाप करें- ॐ रामदूताय नम:।
*श्रीगणेश और धन की देवी महालक्ष्मी का पूजन करें। पूजन में एक नारियल रखें। पूजा के बाद उस नारियल को तिजोरी में रख दें। रात के समय इस नारियल को निकालकर किसी राम मंदिर में अर्पित कर दें। भगवान श्रीराम से निर्धनता दूर करने की प्रार्थना करें।
* जीवनभर रहेंगे मालामाल : दशहरे के दिन गणेशजी और महालक्ष्मी की विधि विधान से चौकी सजाएं। चावल की ढेरी पर तांबे का कलश रखें और एक लाल वस्त्र में नारियल लपेटकर उस कलश में इस तरह रखें कि उसके आगे का भाग दिखाई दे। यह कलश वरुणदेव का प्रतीक है। अब दो बड़े दीपक जलाएं। एक घी का और दूसरा तेल का। एक दीपक चौकी के दाहिनी ओर रखें और दूसरा मूर्तियों के चरणों में। इसके अतिरिक्त एक छोटा दीपक गणेशजी के पास रखें। इसके बाद पूजा करें।

दशहरे पर करें मां अपराजिता का पूजन

इस पूजा के लिए घर से पूर्वोत्तर की दिशा में कोई पवित्र और शुभ स्थान को चिन्हित करें। यह स्थान किसी मंदिर, गार्डन आदि के आसपास भी हो सकता है। पूजन स्थान को स्वच्छ करें और चंदन के लेप के साथ अष्टदल चक्र (8 कमल की पंखुड़ियां) बनाएं।पुष्प और अक्षत के साथ देवी अपराजिता की पूजा के लिए संकल्प लें।अष्टदल चक्र के मध्य में ‘अपराजिताय नम:’ मंत्र के साथ मां देवी अपराजिता का आह्वान करें और मां जया को दाईं ओर क्रियाशक्त्यै नम: मंत्र के साथ आह्वान करें तथा बाईं ओर मां विजया का ‘उमायै नम:’ मंत्र के साथ आह्वान करें।इसके उपरांत ‘अपराजिताय नम’:, ‘जयायै नम:’ और ‘विजयायै नम:’ मंत्रों के साथ शोडषोपचार पूजा करें।अब प्रार्थना करें-निम्न मंत्र के साथ पूजा का विसर्जन करें।’हारेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला। अपराजिता भद्ररता करोतु विजयं मम।’

सरकार को मिली स्विस बैंक के भारतीय खाताधारकों की पहली लिस्ट

भारत सरकार को स्विस बैंक में जमा काला धन को लेकर बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. दरअसल सरकार को स्विस बैंक में भारतीय खाता धारकों के ब्यौरे की पहली लिस्ट  उपलब्ध करा दी गई है. यह सूचना भारत को स्विटजरलैंड सरकार ने ऑटोमेटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन की नई व्यवस्था के तहत  दी है.  स्विट्जरलैंड के फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन  ने 75 देशों को AEOI के वैश्विक मानदंडों के तहत वित्तीय खातों के ब्योरे का आदान-प्रदान किया है. भारत भी इनमें शामिल है.

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए संभाग में 29 काम्बेक्ट टीम तैनात

रीवा | संभाग के सभी जिलों में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन तथा महामारी से होने वाली संक्रामक व मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए कुल 29 काम्बेक्ट टीमों का गठन किया गया है। इस संबंध में कमिश्नर रीवा संभाग डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने बताया कि 29 काम्बेक्ट टीमों में से जिला स्तर पर चार तथा खण्ड स्तर पर 25 दलों का गठन किया गया है। दल में एक चिकित्सा विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ, वाहन चालक वाहन सहित तथा जीवनरक्षक औषधियों के साथ मौजूद रहेंगे। काम्बेक्ट टीम को प्राकृतिक आपदा, महामारी, बाढ़ आदि से होने वाली बीमारी की सूचना संबंधित क्षेत्र से प्राप्त होने पर तत्काल खण्ड स्तरीय टीम मौके पर पहुंचकर उपचार करेगी। इसके लिए जिला स्तर पर संभाग के सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाया गया है।
कमिश्नर डॉ. भार्गव ने बताया कि संभाग में 6982 डिपो होल्डर हैं जिसमें सभी आशा कार्यकर्ता ग्राम स्तर पर डिपो होल्डर हैं, जिनके पास सभी आवश्यक दवाईयाँ एवं पानी शुद्धीकरण के लिए ब्लीचिंग पाउडर तथा क्लोरीन टेबलेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही इन्हें संक्रामक रोगों के फैलने पर शीघ्र ही सूचना विकासखण्ड अथवा जिला स्तर को देने के लिए निर्देशित किया गया है। सूचना देने के लिए संभागीय कंट्रोल रूम का दूरभाष क्रमांक 07662-225082 है। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए संभाग में पर्याप्त दवायें उपलब्ध हैं।

15 अक्टूबर को मनाया जायेगा विश्व हाथ धुलाई दिवस

रीवा | जिले की सभी शालाओं में 15 अक्टूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया जायेगा। इस वर्ष “”सभी के लिए स्वच्छ हाथ”” की थीम पर विश्व हाथ धुलाई दिवस आयोजित किया जा रहा है। इस दिन सभी शालाओं में मध्यान्ह भोजन से पहले सभी विद्यार्थियों के हाथ साबुन से धुलवाये जायेंगे साथ ही बच्चों को प्रतिदिन भोजन से पहले साबुन से हाथ धोने की सीख दी जायेगी।

इस संबंध में जारी निर्देशों के अनुसार हाथ धुलाई के लिए सभी स्कूलों में उचित व्यवस्था की बात कही गयी है। सभी स्कूलों में हाथ धुलाई के लिए पर्याप्त पानी, साबुन तथा पर्याप्त संख्या में बाल्टी, जग आदि की व्यवस्था की जाये। हैण्डपंप के ऊपर हाथ धुलाई न करायें। सभी स्कूलों एवं छात्रावासों में शौचालयों के नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिये गये हैं। हाथ धुलाई के लिए स्कूलों तथा छात्रावासों में व्यवस्था आकस्मिक निधि से करें। सभी स्कूलों तथा छात्रावासों में साबुन बैंक की स्थापना करायें। इसमें शिक्षक तथा विद्यार्थी अपने जन्म दिन पर हाथ धुलाई के लिए साबुन का उपहार दें। इससे स्वच्छता अभियान में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। हाथ धुलाई निर्धारित प्रक्रिया के साथ करायें। हाथ धुलाई का शालावार प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।