July 6, 2020

विशेष श्रमिक ट्रेनों से रीवा पहुंचे 5698 प्रवासी मजदूर

कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरे देश में अभूतपूर्व स्थिति उत्पन्न हो गई है इसके कारण पूरे देश में 17 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन के साथ दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत कई प्रतिबंध लागू किये गये हैं। इन प्रतिबंधों के कारण रीवा जिले सहित आसपास के जिलों के हजारों मजदूर अन्य प्रदेशों में फंसे हुए हैं। इनकी घर वापसी के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के विशेष प्रयासों तथा केन्द्र सरकार एवं रेल विभाग के सहयोग से विशेष श्रमिक ट्रेनें चलायी जा रहीं हैं। इन ट्रेनों से रीवा संभाग में 74 हजार से अधिक मजदूर अब वापस लौट चुके हैं। रीवा में 15 मई को 4 विशेष श्रमिक ट्रेनों से 5698 प्रवासी मजदूर रीवा रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन तथा शासकीय मार्तण्ड उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 में इन मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच की गयी। इसके बाद विशेष वाहनों से इन्हें उनके गन्तव्य के लिए भेजा गया। संकट में फंसे 5698 प्रवासी मजदूरों के घर वापसी के सपने को विशेष ट्रेनों सच करके दिखाया है।
इस संबंध में कलेक्टर बसंत कुर्रे ने बताया कि रीवा में 15 मई को 4 विशेष ट्रेनें पहुंची। पुणे से आने वाली प्रथम ट्रेन से 1360 तथा दूसरी ट्रेन से 1233 प्रवासी मजदूर यहां पहुंचे। पुणे से आने वाली तीसरी ट्रेन 1500 प्रवासी मजदूर तथा सांगली महाराष्ट्र से आई ट्रेन से 1605 प्रवासी मजदूर रीवा पहुंचे। इन सभी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच रेलवे स्टेशन तथा मार्तण्ड स्कूल में बनाये गये शिविर में की गयी। इन मजदूरों को पानी, नास्ता एवं भोजन देने के बाद परिवहन विभाग द्वारा विशेष बसों से संबंधित जिलों को भेजा गया। रीवा जिले के मजदूरों को संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में तैनात दल द्वारा उनके गन्तव्य स्थल तक पहुंचाया गया। कलेक्टर ने कहा है कि बाहर से आये सभी मजदूर 14 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहेंगे। कोई भी व्यक्ति इनसे संपर्क का प्रयास न करे। उन्होंने कहा है कि सभी प्रवासी मजदूर भी लॉकडाउन के नियमों तथा क्वारेंटाइन निर्देशों का पालन करें। मजदूरों की वापसी के लिए की गयी व्यवस्थाओं में पुलिस अधीक्षक आबिद खान, अपर कलेक्टर इला तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. पाण्डेय सभी संबंधित एसडीएम जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी आर.एस. ठाकुर तथा अन्य अधिकारियों ने सराहनीय योगदान दिया।